Basti Roadways Bus Repair News 2026: उत्तर प्रदेश के बस्ती में सरकारी रोडवेज बसों की जर्जर हालत एक बार फिर चर्चा में है। लगातार बारिश ने पुरानी बसों की छत और खिड़कियों से पानी टपकने की शिकायतें बढ़ा दी हैं। यात्री परेशान हैं और विभाग ने कई बसों को तुरंत मरम्मत के लिए कार्यशाला भेज दिया है।
बस्ती रोडवेज डिपो की वर्तमान स्थिति
बस्ती रोडवेज डिपो में कुल 103 सरकारी बसें चल रही हैं। इनमें 20 से ज्यादा बसें काफी पुरानी और खराब हालत में हैं। बारिश शुरू होते ही इन बसों की कमजोर छत से पानी टपकने और खिड़कियों से पानी घुसने की शिकायतें आने लगीं।
यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा को देखते हुए विभाग ने तुरंत कार्रवाई की। जिन बसों की हालत खराब थी, उन्हें बेड़े (संचालन) से हटाकर मरम्मत के लिए भेज दिया गया है।
मुख्य बातें:
- 5 से 6 बसें फिलहाल मरम्मत के लिए खड़ी हैं।
- छत की मरम्मत, खिड़कियों की दुरुस्ती और अन्य काम चल रहे हैं।
- मरम्मत पूरा होने के बाद बसें फिर से रूट पर लगाई जाएंगी।
एआरएम कल्पना श्रीवास्तव का बयान
रोडवेज अधिकारी कल्पना श्रीवास्तव (एआरएम) ने बताया कि छत टपकने या खिड़की से पानी आने की कोई भी शिकायत मिलते ही बस को तुरंत संचालन से हटा दिया जाता है। मरम्मत के बाद ही उसे वापस यात्री सेवा में लगाया जाता है। विभाग यात्रियों की सुविधा को प्राथमिकता दे रहा है।
अनुबंधित बस का रास्ते में ब्रेकडाउन
कल (बृहस्पतिवार) नेहरू तिराहे के पास एक अनुबंधित रोडवेज बस अचानक बंद हो गई। चालक ने कई बार स्टार्ट करने की कोशिश की लेकिन बस चालू नहीं हुई। यात्रियों को दूसरी बस में बैठाया गया और खराब बस को टो करके मरम्मत स्थान पर ले जाया गया।
नोट: अनुबंधित बसों की मरम्मत की जिम्मेदारी बस मालिक की होती है, न कि रोडवेज विभाग की।
बारिश में क्यों बढ़ जाती है पुरानी बसों की समस्या?
पुरानी बसों (खटारा बसों) की छतें कमजोर हो जाती हैं। लंबे समय तक इस्तेमाल और मौसम के प्रभाव से धातु जंग लग जाती है। बारिश में पानी आसानी से अंदर घुस जाता है। इससे यात्रियों को बहुत परेशानी होती है — कपड़े भीग जाते हैं, सीटें गीली हो जाती हैं और सफर असुविधाजनक बन जाता है।
यात्रियों के लिए सलाह
- बस में चढ़ने से पहले छत और खिड़कियों की स्थिति देखें।
- बारिश के मौसम में छाता या रेनकोट साथ रखें।
- किसी समस्या की शिकायत तुरंत रोडवेज हेल्पलाइन या डिपो अधिकारी को करें।
बस्ती रोडवेज बसों की स्थिति (तालिका)
| कुल बसें | खराब बसें (लगभग) | मरम्मत के लिए भेजी गईं | मुख्य समस्या |
|---|---|---|---|
| 103 | 20+ | 5-6 | छत टपकना, पानी घुसना |



