बस्ती (उत्तर प्रदेश)। छोटी-छोटी बातों से बड़े विवाद हो जाते हैं, यही बात 10 जुलाई 2026 की रात मड़वानगर टोल प्लाजा पर साबित हुई। बस चालक और परिचालक के हॉर्न बजाने पर टोल कर्मचारियों से झगड़ा हो गया। मामला इतना बढ़ा कि मारपीट और धमकी तक पहुंच गया। अब पुलिस ने FIR दर्ज कर ली है।
घटना क्या थी?
कोतवाली क्षेत्र के मड़वानगर टोल प्लाजा पर रात के समय बस संख्या AR 20 A 7002 आई। चालक और परिचालक ने बार-बार हॉर्न बजाना शुरू कर दिया। टोल ऑपरेटर कन्हैया पांडे ने उन्हें रोका और शांति से गाड़ी आगे बढ़ाने को कहा।
लेकिन बस वाले नहीं माने। बात बढ़ गई और कहासुनी शुरू हो गई। बीच में बचाव करने पहुंचे टोल कर्मचारी हरीश कुमार (रजौली, थाना हर्रैया निवासी) को बस चालक और परिचालक ने गालियां दीं, मारपीट की और जान-माल की धमकी भी दे डाली।
पीड़ित की शिकायत
हरीश कुमार ने कोतवाली पुलिस को तहरीर दी। उन्होंने बताया कि उन्होंने सिर्फ शांति बनाए रखने की कोशिश की थी, लेकिन बस वाले नाराज हो गए और उन पर हमला कर दिया।
पुलिस की कार्रवाई
पुलिस ने बस के अज्ञात परिचालक और अभय सिंह (पोखरभिटवा, कोतवाली निवासी) के खिलाफ FIR दर्ज कर ली है। मामले की जांच चल रही है।
क्यों होता है टोल प्लाजा पर ऐसा विवाद? (मुख्य कारण)
- हॉर्न बजाना: कई वाहन चालक बिना वजह हॉर्न बजाते रहते हैं।
- जल्दबाजी: लंबी लाइन में इंतजार करने की बर्दाश्त नहीं होती।
- स्टाफ से बदतमीजी: छोटी बात पर गुस्सा निकालना।
- सुरक्षा की कमी: कुछ प्लाजा पर पर्याप्त सुरक्षा नहीं होती।
टोल प्लाजा पर विवाद से बचने के टिप्स
| क्रमांक | टिप्स | फायदा |
|---|---|---|
| 1 | हॉर्न सिर्फ जरूरत पर बजाएं | शांति बनी रहेगी |
| 2 | स्टाफ की बात मानें | विवाद टल जाएगा |
| 3 | धैर्य रखें | यात्रा सुरक्षित होगी |
| 4 | शिकायत हेल्पलाइन पर करें | सही तरीके से समस्या हल होगी |
| 5 | CCTV का सहारा लें | सबूत आसानी से मिलेंगे |
कानूनी पहलू
भारतीय दंड संहिता (IPC) की विभिन्न धाराओं के तहत मारपीट, गाली-गलौज और धमकी के लिए कार्रवाई होती है। टोल प्लाजा सार्वजनिक जगह है, यहां किसी भी कर्मचारी के साथ बदतमीजी बर्दाश्त नहीं की जाती। FIR के बाद पुलिस जांच कर दोषियों पर सख्त एक्शन लेगी।



