Basti News: टोल प्लाजा पर हॉर्न बजाने का विवाद: बस चालक-परिचालक पर FIR, क्या हुआ पूरा मामला?

Published On: July 17, 2026

बस्ती (उत्तर प्रदेश)। छोटी-छोटी बातों से बड़े विवाद हो जाते हैं, यही बात 10 जुलाई 2026 की रात मड़वानगर टोल प्लाजा पर साबित हुई। बस चालक और परिचालक के हॉर्न बजाने पर टोल कर्मचारियों से झगड़ा हो गया। मामला इतना बढ़ा कि मारपीट और धमकी तक पहुंच गया। अब पुलिस ने FIR दर्ज कर ली है।

घटना क्या थी?

कोतवाली क्षेत्र के मड़वानगर टोल प्लाजा पर रात के समय बस संख्या AR 20 A 7002 आई। चालक और परिचालक ने बार-बार हॉर्न बजाना शुरू कर दिया। टोल ऑपरेटर कन्हैया पांडे ने उन्हें रोका और शांति से गाड़ी आगे बढ़ाने को कहा।

लेकिन बस वाले नहीं माने। बात बढ़ गई और कहासुनी शुरू हो गई। बीच में बचाव करने पहुंचे टोल कर्मचारी हरीश कुमार (रजौली, थाना हर्रैया निवासी) को बस चालक और परिचालक ने गालियां दीं, मारपीट की और जान-माल की धमकी भी दे डाली।

पीड़ित की शिकायत

हरीश कुमार ने कोतवाली पुलिस को तहरीर दी। उन्होंने बताया कि उन्होंने सिर्फ शांति बनाए रखने की कोशिश की थी, लेकिन बस वाले नाराज हो गए और उन पर हमला कर दिया।

पुलिस की कार्रवाई
पुलिस ने बस के अज्ञात परिचालक और अभय सिंह (पोखरभिटवा, कोतवाली निवासी) के खिलाफ FIR दर्ज कर ली है। मामले की जांच चल रही है।

क्यों होता है टोल प्लाजा पर ऐसा विवाद? (मुख्य कारण)

  • हॉर्न बजाना: कई वाहन चालक बिना वजह हॉर्न बजाते रहते हैं।
  • जल्दबाजी: लंबी लाइन में इंतजार करने की बर्दाश्त नहीं होती।
  • स्टाफ से बदतमीजी: छोटी बात पर गुस्सा निकालना।
  • सुरक्षा की कमी: कुछ प्लाजा पर पर्याप्त सुरक्षा नहीं होती।

टोल प्लाजा पर विवाद से बचने के टिप्स

क्रमांकटिप्सफायदा
1हॉर्न सिर्फ जरूरत पर बजाएंशांति बनी रहेगी
2स्टाफ की बात मानेंविवाद टल जाएगा
3धैर्य रखेंयात्रा सुरक्षित होगी
4शिकायत हेल्पलाइन पर करेंसही तरीके से समस्या हल होगी
5CCTV का सहारा लेंसबूत आसानी से मिलेंगे

कानूनी पहलू

भारतीय दंड संहिता (IPC) की विभिन्न धाराओं के तहत मारपीट, गाली-गलौज और धमकी के लिए कार्रवाई होती है। टोल प्लाजा सार्वजनिक जगह है, यहां किसी भी कर्मचारी के साथ बदतमीजी बर्दाश्त नहीं की जाती। FIR के बाद पुलिस जांच कर दोषियों पर सख्त एक्शन लेगी।

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