बस्ती में विश्व हिंदू महासभा का विरोध: बंजर जमीन के कब्जे को लेकर विवाद

Published On: July 26, 2026
Protest by Vishwa Hindu Mahasabha in Basti

बस्ती जिले के कप्तानगंज क्षेत्र में एक नया विवाद सामने आया है। दुबौलिया थाना क्षेत्र के ग्राम बैरागल में बंजर जमीन से कब्जा हटाने को लेकर तनाव बढ़ गया है। विश्व हिंदू महासभा के पदाधिकारी मौके पर पहुंचे और प्रशासन पर आरोप लगाए। इस घटना ने गांव में चर्चा का विषय बना दिया है।

विश्व हिंदू महासभा के पदाधिकारी पहुंचे मौके पर

विश्व हिंदू महासभा के जिलाध्यक्ष अखिलेश सिंह, जिला उपाध्यक्ष सौरभ चतुर्वेदी और ब्लॉक अध्यक्ष सतीश पांडेय अपनी टीम के साथ गांव पहुंचे। उन्होंने बंजर जमीन पर अवैध कब्जा हटाने की मांग की। संगठन के कार्यकर्ताओं का कहना है कि गांव की खाली जमीन पर कई जगह कब्जा है, जिसे जल्दी हटाया जाना चाहिए।

पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि उनके कार्यकर्ता अरुण गुप्ता को परेशान किया जा रहा है। उनका मानना है कि संगठन से जुड़े होने के कारण उन्हें जानबूझकर तंग किया जा रहा है। ग्राम प्रधान, हल्का सिपाही और हल्का लेखपाल समेत अन्य लोगों पर उत्पीड़न का आरोप लगाया गया।

कार्यकर्ता अरुण गुप्ता का आरोप

प्रभावित कार्यकर्ता अरुण गुप्ता ने बताया कि उन्होंने धारा 24 के तहत मामला दर्ज कराया है। यह मामला अदालत में लंबित है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन ने उनके खेत में लगी धान की फसल नष्ट कर दी। इस वजह से उन्हें बड़ा नुकसान हुआ है।

संगठन के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि अगर गांव की बंजर जमीन पर बाकी अवैध कब्जे जल्दी नहीं हटाए गए, तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे। उन्होंने प्रशासन से तुरंत कार्रवाई की मांग की।

प्रशासन का पक्ष

इस मामले में लेखपाल इशांत शुक्ला से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन बार-बार फोन करने के बावजूद उन्होंने कॉल नहीं उठाया। वहीं कानूनगो किरपत राम ने बताया कि जो कब्जा हटाया गया है, वह उच्च न्यायालय के आदेश के अनुसार किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रशासन अदालत के निर्देश का पालन कर रहा है।

दोनों पक्षों के बयान आने के बाद अब प्रशासन की अगली कार्रवाई का इंतजार है। गांव के लोग इस विवाद को लेकर चिंतित हैं। कई लोगों का कहना है कि बंजर जमीन का सही उपयोग होना चाहिए और किसी को भी गलत तरीके से परेशान नहीं किया जाना चाहिए।

विवाद क्यों बढ़ा?

इस तरह के विवाद अक्सर जमीन के अधिकार और प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर होते हैं। एक तरफ संगठन अपने कार्यकर्ता की सुरक्षा और जमीन के सही प्रबंधन की बात कर रहा है। दूसरी तरफ प्रशासन अदालत के आदेश का हवाला दे रहा है। दोनों पक्षों के बीच विश्वास की कमी साफ दिख रही है।

गांव में बंजर जमीन का मुद्दा लंबे समय से चर्चा में है। कई जगह अवैध कब्जे की शिकायतें पहले भी आती रही हैं। इस बार विश्व हिंदू महासभा के सीधे शामिल होने से मामला और गंभीर हो गया है।

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