बस्ती। उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में प्राथमिक शिक्षकों की समस्याओं को लेकर एक बड़ी पहल हुई है। प्राथमिक शिक्षक संघ ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को 15 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा है। इसमें शिक्षकों और स्कूल स्टाफ की लंबित समस्याओं का जल्द समाधान करने की मांग की गई है। यह ज्ञापन शनिवार को कलक्ट्रेट में जमा किया गया।
ज्ञापन सौंपने की पूरी डिटेल
प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष उदयशंकर शुक्ल के नेतृत्व में शिक्षकों का एक प्रतिनिधिमंडल कलक्ट्रेट पहुंचा। उन्होंने एसडीएम शशिविंद द्विवेदी को मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा। शिक्षकों ने कहा कि उनकी कई पुरानी समस्याएं लंबे समय से लटकी हुई हैं। जिम्मेदार अधिकारी इन पर चुप्पी साधे हुए हैं।
मुख्य मांगें इस प्रकार हैं:
- कोविड-19 (कोरोना) काल के दौरान बकाया महंगाई भत्ता (DA) का तुरंत भुगतान।
- लॉकडाउन के समय का बकाया भत्ता जारी करना।
- बेसिक शिक्षा परिषद में काम करने वाले शिक्षणेतर कर्मचारियों (non-teaching staff) और अनुचरों (attendants) को कैशलेस चिकित्सा सुविधा में शामिल करना।
- कैंसर, हृदय रोग और अन्य गंभीर बीमारियों के मुफ्त इलाज की योजना में शामिल करना।
- मुख्यमंत्री फ्री मेडिकल कार्ड जारी करना।
शिक्षकों का कहना है कि इन समस्याओं का तुरंत निस्तारण (समाधान) किया जाए ताकि वे बिना किसी चिंता के बच्चों को पढ़ा सकें।
ज्ञापन में शामिल प्रमुख पदाधिकारी
ज्ञापन सौंपने के दौरान कई पदाधिकारी मौजूद रहे। इनमें शामिल थे:
- आनंद दूबे
- संयुक्त मंत्री राजकुमार सिंह
- कोषाध्यक्ष अभय सिंह यादव
- शैल शुक्ल, आशुतोष पांडेय, सचिन शुक्ल
- राघवेन्द्र प्रताप पांडेय, रीता शुक्ला
- रविन्द्रनाथ, अभिषेक उपाध्याय
- संतोष शुक्ल, पाटेश्वरी प्रसाद निषाद
- विनोद कुमार, शिवम शुक्ल, शिवाकांत पांडेय आदि।
प्राथमिक शिक्षकों की समस्याएं क्यों महत्वपूर्ण हैं?
प्राथमिक स्कूल बच्चे की नींव होते हैं। अगर शिक्षक परेशान रहेंगे तो पढ़ाई की गुणवत्ता प्रभावित होगी। महंगाई भत्ता (DA) जैसे बकाए का भुगतान न होना शिक्षकों के मनोबल को तोड़ता है। स्वास्थ्य सुविधाएं न मिलना परिवार के लिए बड़ी मुश्किल पैदा करता है।
शिक्षकों की आम समस्याएं (Bullet Points):
- वेतन और भत्तों में देरी
- स्वास्थ्य बीमा और इलाज की कमी
- पदोन्नति और ट्रांसफर में दिक्कतें
- स्कूल इंफ्रास्ट्रक्चर की समस्या
15 सूत्रीय ज्ञापन: क्या-क्या मांगा गया?
हालांकि पूरा 15 सूत्री लिस्ट सार्वजनिक नहीं हुई, लेकिन मुख्य फोकस लंबित भुगतान और स्वास्थ्य सुविधाओं पर है। शिक्षक संघ प्रदेश और जिला स्तर पर इन मांगों पर चर्चा चाहता है।
सरकार से अपील
शिक्षक संघ ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि वे इन मांगों पर तुरंत संज्ञान लें। अच्छी शिक्षा के लिए शिक्षकों को सशक्त बनाना जरूरी है।





