केंद्रीय मंत्रिमंडल ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) योजना को वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखने की मंजूरी दे दी है। इस पांच साल की अवधि के लिए कुल ₹3.15 लाख करोड़ का बजट स्वीकृत किया गया है। यह फैसला किसानों को नियमित आय सहायता देने और उनकी आर्थिक सुरक्षा मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
यह योजना केंद्र सरकार द्वारा पूरी तरह वित्तपोषित है। पात्र किसान परिवारों को हर साल ₹6,000 की राशि तीन किस्तों में सीधे बैंक खाते में मिलती रहेगी।
पीएम-किसान योजना क्या है?
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना 24 फरवरी 2019 को शुरू की गई थी। यह 1 दिसंबर 2018 से प्रभावी है। इसका मुख्य उद्देश्य छोटे और सीमांत किसानों को आर्थिक मदद देना है ताकि वे बीज, खाद, सिंचाई और अन्य खेती की जरूरतों को आसानी से पूरा कर सकें।
योजना के तहत पात्र भूमिधारक किसान परिवारों को सालाना ₹6,000 की सहायता दी जाती है। यह राशि ₹2,000 की तीन समान किस्तों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए आधार से जुड़े बैंक खातों में भेजी जाती है।
सबसे बड़ा फायदा यह है कि पैसा सीधे किसान के खाते में आता है। बीच में किसी बिचौलिए की जरूरत नहीं पड़ती।
कैबिनेट का नया फैसला क्या है?
31 जुलाई 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने योजना को पांच साल और बढ़ाने का फैसला लिया।
- अवधि: 2026-27 से 2030-31
- कुल बजट: ₹3.15 लाख करोड़
- उद्देश्य: किसानों की आय सुरक्षा बढ़ाना और कृषि निवेश को बढ़ावा देना
यह फैसला दर्शाता है कि सरकार किसानों की समृद्धि को देश की समृद्धि का आधार मानती है।
योजना की अब तक की उपलब्धियां
योजना शुरू होने के बाद से किसानों को बहुत फायदा हुआ है:
- कुल 23 किस्तों के जरिए ₹4.47 लाख करोड़ से ज्यादा राशि किसानों के खातों में पहुंची।
- 23वीं किस्त में 9.49 करोड़ से अधिक किसानों को लगभग ₹18,984 करोड़ दिए गए।
- कोविड-19 महामारी के दौरान ₹1.71 लाख करोड़ से ज्यादा राशि वितरित हुई।
- महिला किसानों को अब तक ₹1.06 लाख करोड़ से अधिक मिले। लगभग हर चार लाभार्थियों में से एक महिला है।
नीति आयोग के मूल्यांकन के अनुसार:
- 92 प्रतिशत से अधिक लाभार्थियों ने राशि का उपयोग खेती से जुड़ी गतिविधियों में किया।
- लगभग 85 प्रतिशत किसानों ने बताया कि उनकी कृषि आय बढ़ी और अनौपचारिक कर्ज पर निर्भरता कम हुई।
खेती में सुधार के आंकड़े
वर्ष 2020-21 से 2025-26 के दौरान:
- खेती के क्षेत्रफल में 9.65 प्रतिशत वृद्धि
- उत्पादकता में 10.53 प्रतिशत वृद्धि
- कुल खाद्यान्न उत्पादन में 21.18 प्रतिशत वृद्धि
ये आंकड़े दिखाते हैं कि योजना ने किसानों की उत्पादक क्षमता बढ़ाने में मदद की है।
योजना के मुख्य लाभ
- नियमित आय सहायता: हर चार महीने में ₹2,000 की किस्त।
- पारदर्शिता: आधार और DBT सिस्टम से लीकेज कम।
- महिला किसानों को बढ़ावा: बड़ी संख्या में महिलाओं को लाभ।
- कर्ज से मुक्ति: अनौपचारिक साहूकारों पर निर्भरता घटी।
- कृषि निवेश: बीज, खाद, मशीनरी खरीदने में आसानी।
पात्रता की शर्तें (सरल भाषा में)
पात्र होने के लिए:
- परिवार के पास खेती योग्य जमीन होनी चाहिए।
- परिवार का मुखिया या सदस्य किसान होना चाहिए।
- कुछ श्रेणियां जैसे संस्थागत भूमिधारक, उच्च आय वाले आदि पात्र नहीं होते।
आवेदन और स्टेटस चेक करने के लिए आधिकारिक वेबसाइट pmkisan.gov.in का उपयोग करें।
योजना की मुख्य जानकारी
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| योजना का नाम | प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि |
| शुरूआत | 24 फरवरी 2019 |
| वार्षिक सहायता | ₹6,000 |
| किस्तें | 3 × ₹2,000 |
| नई अवधि | 2026-27 से 2030-31 |
| कुल बजट (5 वर्ष) | ₹3.15 लाख करोड़ |
| अब तक हस्तांतरण | ₹4.47 लाख करोड़+ |
| 23वीं किस्त लाभार्थी | 9.49 करोड़+ किसान |
| महिला लाभार्थी | लगभग 25 प्रतिशत |
किसान कैसे लाभ उठाएं?
- आधिकारिक पोर्टल pmkisan.gov.in पर जाएं।
- अपना आधार नंबर और बैंक डिटेल अपडेट रखें।
- स्टेटस नियमित चेक करें।
- अगर नाम नहीं है तो स्थानीय कृषि विभाग या CSC केंद्र से संपर्क करें।
ध्यान रखें: कोई भी दलाल या बिचौलिया पैसे मांगता है तो तुरंत शिकायत करें। प्रक्रिया पूरी तरह मुफ्त है।
निष्कर्ष
पीएम-किसान योजना को 2030-31 तक जारी रखने का फैसला किसानों के लिए बहुत बड़ी राहत है। ₹3.15 लाख करोड़ के बजट के साथ सरकार ने साफ संकेत दिया है कि अन्नदाताओं का हित सर्वोपरि है।
यह योजना न सिर्फ आय सहायता देती है बल्कि खेती में निवेश बढ़ाने, उत्पादकता सुधारने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में भी मदद करती है। लाखों किसान परिवारों की जिंदगी में सकारात्मक बदलाव आया है।
आने वाले पांच सालों में भी पात्र किसान परिवार नियमित रूप से सहायता पाते रहेंगे। सही जानकारी रखें, आधार और बैंक खाता लिंक रखें और आधिकारिक माध्यमों से ही काम करें। किसान मजबूत होंगे तो देश भी मजबूत होगा।
FAQs
प्रश्न 1: पीएम-किसान योजना कब तक चलेगी?
उत्तर: कैबिनेट ने इसे 2030-31 तक जारी रखने की मंजूरी दी है।
प्रश्न 2: सालाना कितनी राशि मिलती है?
उत्तर: ₹6,000 तीन किस्तों में (हर किस्त ₹2,000)।
प्रश्न 3: पैसा कैसे मिलता है?
उत्तर: आधार से जुड़े बैंक खाते में सीधे DBT के जरिए।
प्रश्न 4: अब तक कितना पैसा बांटा जा चुका है?
उत्तर: ₹4.47 लाख करोड़ से अधिक।
प्रश्न 5: महिला किसानों को कितना लाभ मिला?
उत्तर: ₹1.06 लाख करोड़ से अधिक, लगभग हर चार में से एक लाभार्थी महिला है।
प्रश्न 6: योजना केंद्र की है या राज्य की?
उत्तर: यह पूरी तरह केंद्र सरकार द्वारा वित्तपोषित केंद्रीय क्षेत्र की योजना है।
प्रश्न 7: स्टेटस कैसे चेक करें?
उत्तर: pmkisan.gov.in पर जाकर आधार नंबर से चेक कर सकते हैं।





