PM आवास योजना सर्वे 2026 के तहत केंद्र सरकार गांवों में कच्चा मकान या बेघर परिवारों की पहचान कर रही है, ताकि उन्हें पक्का घर मिल सके। यह सर्वे आवास प्लस 2024 (Awaas+) ऐप के जरिए हो रहा है, जिसमें परिवार खुद या पंचायत कर्मचारी आधार और फेस वेरिफिकेशन से जानकारी भरते हैं।
सरकार का लक्ष्य है कि पहले की सूची में छूटे पात्र परिवारों को भी लाभ मिले। जुलाई 2026 तक ग्रामीण इलाकों में 3.10 करोड़ घर पूरे हो चुके हैं और नए चरण में 2 करोड़ अतिरिक्त घर बनाने का प्लान है। मदद की राशि मैदानी क्षेत्रों में 1.20 लाख रुपये और पहाड़ी क्षेत्रों में 1.30 लाख रुपये है, जो किस्तों में बैंक खाते में आती है।
पात्रता के लिए कच्चा मकान, कम आय और सरकारी नौकरी न होना जरूरी है। ग्राम सभा में सूची की जांच होती है और AI से भी मकानों की पुष्टि की जाती है। आवेदन बिल्कुल फ्री है।
जो परिवार अभी भी इंतजार कर रहे हैं, वे तुरंत AwaasPlus 2024 ऐप डाउनलोड करें या नजदीकी पंचायत से संपर्क करें। सही जानकारी देने से नाम सूची में आने की संभावना बढ़ जाती है। यह सर्वे गरीब परिवारों को सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन देने का बड़ा कदम है।
पीएम आवास योजना क्या है?
प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) केंद्र सरकार की योजना है। इसका उद्देश्य गांवों में गरीब, बेघर या कच्चे मकान में रहने वाले परिवारों को पक्का घर देना है।
पहले यह योजना 2024 तक थी। अब इसे बढ़ाकर 2028-29 तक कर दिया गया है। मदद की राशि मैदानी इलाकों में 1.20 लाख रुपये और पहाड़ी/उत्तर-पूर्वी राज्यों में 1.30 लाख रुपये है। पैसे किस्तों में बैंक खाते में सीधे आते हैं। साथ में मनरेगा से मजदूरी और शौचालय का लाभ भी मिल सकता है।
शहरी वाले हिस्से (PMAY-U) को भी सितंबर 2026 तक बढ़ाया गया है। लेकिन ज्यादातर नया सर्वे ग्रामीण क्षेत्रों पर फोकस है।
2026 में आवास सर्वे क्यों हो रहा है?
पुरानी सूची SECC 2011 पर आधारित थी। कई परिवार छूट गए थे। इसलिए सरकार ने Awaas+ 2024 सर्वे शुरू किया।
2026 में कई राज्यों में इस सर्वे को पूरा करने या अंतिम सत्यापन करने के आदेश दिए गए। उदाहरण:
- पश्चिम बंगाल में जून 2026 तक सर्वे पूरा करने के निर्देश।
- उत्तर प्रदेश में नए चरण के लिए 6.18 लाख घरों की मंजूरी और सर्वे पूरा।
- कई जगहों पर ग्राम सभा में ड्राफ्ट सूची पर चर्चा और आपत्तियां ली जा रही हैं।
सर्वे का मकसद – सही जरूरतमंद लोगों की पहचान करना, गलत नाम हटाना और पारदर्शिता लाना। अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और सैटेलाइट इमेज से भी मकानों की जांच होती है।
आवास प्लस सर्वे 2026 कैसे काम करता है?
सर्वे दो तरीकों से होता है – खुद परिवार वाले भरें (सेल्फ सर्वे) या पंचायत कर्मचारी घर आकर भरें।
मुख्य स्टेप्स:
- AwaasPlus 2024 ऐप डाउनलोड करें (गूगल प्ले स्टोर से, फ्री)।
- आधार नंबर से लॉगिन करें। फेस ऑथेंटिकेशन (चेहरे से पहचान) जरूरी है।
- परिवार के सभी सदस्यों का आधार, मोबाइल नंबर डालें।
- मकान की डिटेल दें – दीवार, छत, फर्श का प्रकार, कमरों की संख्या।
- फोटो लें और लोकेशन (जियो-टैग) करें।
- शौचालय की स्थिति बताएं।
आवेदन जमा होने के बाद सर्वेक्षक घर आकर जांच करते हैं। फिर ब्लॉक और जिला स्तर पर सत्यापन होता है। अंत में ग्राम सभा में सूची पढ़ी जाती है। आपत्तियां ली जाती हैं।
महत्वपूर्ण बात: आवेदन बिल्कुल फ्री है। किसी दलाल को पैसे न दें।
किसे मिलेगा लाभ? पात्रता शर्तें
पात्र परिवार:
- कच्चा मकान (मिट्टी, बांस, घास-फूस की छत) में रह रहे हों।
- बेघर हों।
- आर्थिक रूप से कमजोर हों।
- सरकारी कर्मचारी न हों।
- मोटर वाहन (कार/ट्रैक्टर आदि) न हो।
- कुछ जगहों पर मासिक आय 15,000 रुपये से कम हो।
प्राथमिकता अक्सर विधवा महिलाओं, विकलांग, SC/ST और आपदा प्रभावित परिवारों को दी जाती है।
अपात्र: पक्का मकान वाले, सरकारी नौकरी वाले, ऊंची आय वाले।
जरूरी दस्तावेज
- आधार कार्ड (सभी सदस्यों का)
- बैंक खाता पासबुक (आधार लिंक)
- मोबाइल नंबर
- जाति प्रमाण पत्र (अगर लागू हो)
- आय प्रमाण (जरूरत पड़ने पर)
- मकान/जमीन से जुड़ा कोई सबूत
फायदे की पूरी सूची
- 1.20 लाख या 1.30 लाख रुपये की मदद
- पैसे 3-4 किस्तों में निर्माण की प्रगति के अनुसार
- मनरेगा से 90-95 दिन की मजदूरी
- शौचालय निर्माण में मदद
- घर महिलाओं के नाम या संयुक्त नाम पर
प्रमुख आंकड़े (जुलाई 2026 तक)
| विवरण | संख्या / राशि |
|---|---|
| कुल लक्ष्य (पुराना) | 4.18 करोड़ घर |
| मंजूर घर | 3.92 करोड़ |
| पूरे हो चुके घर | 3.10 करोड़ |
| बाकी निर्माण | लगभग 1.08 करोड़ |
| नया लक्ष्य (2024-29) | 2 करोड़ अतिरिक्त घर |
| UP को मंजूरी | 6.18 लाख घर |
| पिछले 5 साल में केंद्र का हिस्सा | 1.34 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा |
| FY 2026-27 का आवंटन | लगभग 41,924 करोड़ रुपये |
ये आंकड़े लोकसभा/राजसभा जवाबों पर आधारित हैं।
राज्य स्तर पर क्या हो रहा है?
- उत्तर प्रदेश: सर्वे पूरा, नए घरों की मंजूरी, विधवा महिलाओं को प्राथमिकता।
- पश्चिम बंगाल: सेल्फ सर्वे सिस्टम, ऐप से आवेदन, अंतिम तारीखें जून-जुलाई 2026 के आसपास।
- अन्य राज्यों में भी ग्राम पंचायत स्तर पर सत्यापन और सूची अंतिम करने का काम चल रहा है।
नाम चेक करने के लिए आधिकारिक पोर्टल pmayg.dord.gov.in या awaassoft.nic.in पर जाएं। आधार या रजिस्ट्रेशन नंबर डालकर स्टेटस देखें।
कैसे स्टेटस चेक करें?
- pmayg.nic.in खोलें।
- Stakeholders या Beneficiary Search पर क्लिक करें।
- आधार या अन्य डिटेल डालें।
- लिस्ट में नाम आने पर आगे की प्रक्रिया का इंतजार करें।
सावधानियां
- फर्जी वेबसाइट या ऐप से बचें। सिर्फ सरकारी ऐप और पोर्टल इस्तेमाल करें।
- पैसे मांगने वाले किसी को न दें।
- गलत जानकारी देने पर नाम कट सकता है।
- ग्राम सभा में जरूर जाएं ताकि आपत्ति या सुधार हो सके।
FAQs
प्रश्न 1: सर्वे 2026 कब तक चलेगा?
जवाब: राज्य के अनुसार अलग-अलग। कई जगह जून-जुलाई 2026 में पूरा करने के आदेश थे। कुछ जगहों पर अंतिम सत्यापन अभी चल रहा है। स्थानीय पंचायत या बीडीओ से पूछें।
प्रश्न 2: क्या ऑनलाइन आवेदन जरूरी है?
जवाब: ज्यादातर जगह AwaasPlus ऐप से सेल्फ सर्वे या ऑफलाइन दोनों चल रहे हैं। ऐप आसान और तेज है।
प्रश्न 3: कितना पैसा मिलेगा?
जवाब: मैदानी इलाके में 1.20 लाख रुपये, पहाड़ी में 1.30 लाख रुपये। किस्तों में।
प्रश्न 4: पहले नाम कट गया तो क्या करें?
जवाब: नए सर्वे में दोबारा शामिल हो सकते हैं अगर पात्र हैं। बीडीओ या DRDA से संपर्क करें।
प्रश्न 5: महिलाओं को क्या खास फायदा?
जवाब: घर अक्सर महिला के नाम पर या संयुक्त नाम पर रजिस्टर होता है। विधवा महिलाओं को प्राथमिकता।
प्रश्न 6: शहरी इलाके वाले कहां आवेदन करें?
जवाब: PMAY-U के लिए अलग पोर्टल pmaymis.gov.in या pmay-urban.gov.in। ग्रामीण सर्वे उन पर लागू नहीं।
प्रश्न 7: हेल्पलाइन नंबर क्या है?
जवाब: ग्रामीण के लिए 1800-11-6446। शिकायत के लिए CPGRAMS पोर्टल भी इस्तेमाल करें।
निष्कर्ष
PM आवास योजना सर्वे 2026 उन लाखों परिवारों के लिए बड़ा मौका है जो अभी भी कच्चे मकान में रह रहे हैं। सरकार पारदर्शिता बढ़ा रही है – ऐप, AI जांच, ग्राम सभा और डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर से।
अगर आप पात्र हैं तो तुरंत AwaasPlus 2024 ऐप डाउनलोड करें या नजदीकी ग्राम पंचायत/बीडीओ ऑफिस जाएं। सही दस्तावेज रखें और सर्वे में भाग लें। नाम आने के बाद निर्माण की प्रगति पर नजर रखें।





