PM Awas Yojana Gramin List 2026 में गांव के लोगों के लिए नई लाभार्थी सूची जारी हो रही है। प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत पात्र परिवारों को पक्का घर बनाने के लिए ₹1.20 लाख (मैदानी) या ₹1.30 लाख (पहाड़ी) की सहायता मिलती है।
अपना नाम नई लिस्ट में देखने के लिए आधिकारिक वेबसाइट pmayg.dord.gov.in खोलें। Stakeholders में जाकर IAY/PMAYG Beneficiary चुनें और अपना रजिस्ट्रेशन नंबर डालें। अगर नंबर नहीं है तो Awaassoft → Reports → Beneficiary details for verification में जाकर राज्य, जिला, ब्लॉक और ग्राम पंचायत चुनें। कैप्चा भरने के बाद आपके गांव की पूरी लिस्ट खुल जाएगी। वहां अपना नाम और स्टेटस आसानी से देख सकते हैं।
सबसे बड़ा फायदा यह है कि पूरी प्रक्रिया मुफ्त और घर बैठे मोबाइल से हो जाती है। नाम न दिखे तो ग्राम पंचायत से संपर्क करें। सही लिस्ट चेक करके आप घर बनाने की प्रक्रिया शुरू कर सकते हैं।
पीएम आवास योजना ग्रामीण क्या है?
प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण भारत सरकार की एक महत्वपूर्ण योजना है। इसका मकसद गांव के उन परिवारों को पक्का घर दिलाना है जिनके पास अभी कच्चा घर है या कोई घर नहीं है।
योजना के तहत मैदानी इलाकों में ₹1.20 लाख और पहाड़ी या कठिन क्षेत्रों में ₹1.30 लाख की आर्थिक सहायता दी जाती है। यह पैसा किस्तों में बैंक खाते में आता है। घर बनने के अलग-अलग चरणों पर किस्त जारी होती है।
सरकार का लक्ष्य अगले कुछ सालों में करोड़ों ग्रामीण परिवारों को पक्का घर उपलब्ध कराना है। 2024-25 से 2028-29 तक के चरण में अतिरिक्त 2 करोड़ घर बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
सबसे बड़ा फायदा यह है कि सहायता राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में जाती है। बीच में किसी दलाल की जरूरत नहीं पड़ती।
किसे मिलता है इस योजना का फायदा?
पात्रता की मुख्य शर्तें आसान हैं:
- परिवार के पास भारत में कहीं भी पक्का घर नहीं होना चाहिए।
- परिवार ग्रामीण क्षेत्र में रहना चाहिए।
- SECC-2011 डेटा या नए Awaas+ सर्वे में नाम होना चाहिए।
- प्राथमिकता दी जाती है अनुसूचित जाति-जनजाति, विधवा महिलाओं, दिव्यांगजनों, अल्पसंख्यकों और भूमिहीन मजदूरों को।
अगर आपका नाम पहले की लिस्ट में नहीं है, तो ग्राम पंचायत में जाकर नए सर्वे के लिए आवेदन कर सकते हैं।
2026 की नई लिस्ट में नाम कैसे चेक करें?
नाम चेक करने के दो मुख्य तरीके हैं। दोनों मुफ्त और आसान हैं।
1: रजिस्ट्रेशन नंबर से नाम देखें
- आधिकारिक वेबसाइट pmayg.dord.gov.in खोलें।
- ऊपर मेन्यू में Stakeholders पर क्लिक करें।
- IAY/PMAYG Beneficiary चुनें।
- अपना रजिस्ट्रेशन नंबर डालें।
- कैप्चा भरकर Submit दबाएं।
स्क्रीन पर आपकी पूरी जानकारी आ जाएगी – सैंक्शन स्टेटस, किस्त का ब्यौरा और घर बनाने की प्रगति।
2: बिना रजिस्ट्रेशन नंबर के गांव की पूरी लिस्ट देखें
- report.pmayg.dord.gov.in या मुख्य पोर्टल पर जाएं।
- Awaassoft → Reports चुनें।
- Social Audit Reports में Beneficiary details for verification पर क्लिक करें।
- अपना राज्य → जिला → ब्लॉक → ग्राम पंचायत चुनें।
- योजना का नाम Pradhan Mantri Awas Yojana Gramin और साल चुनें।
- कैप्चा भरकर Submit करें।
आपके गांव की पूरी लाभार्थी लिस्ट खुल जाएगी। वहां अपना नाम ढूंढ सकते हैं और रजिस्ट्रेशन नंबर भी नोट कर सकते हैं।
UMANG ऐप से भी स्टेटस चेक किया जा सकता है। ऐप में PMAY-G सर्च करके आधार या रजिस्ट्रेशन नंबर डालें।
सहायता राशि की किस्तें कैसे मिलती हैं?
सहायता राशि आमतौर पर तीन किस्तों में दी जाती है:
- पहली किस्त: सैंक्शन के बाद
- दूसरी किस्त: नींव या दीवार बनने पर
- तीसरी किस्त: घर पूरा होने और जियो-टैगिंग के बाद
कुछ राज्यों में समय पर घर पूरा करने पर अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि भी मिल सकती है।
जरूरी दस्तावेज
आवेदन या स्टेटस चेक करते समय ये कागजात तैयार रखें:
- आधार कार्ड
- बैंक पासबुक
- राशन कार्ड
- जॉब कार्ड (मनरेगा)
- निवास प्रमाण
- पासपोर्ट साइज फोटो
सहायता राशि और प्रमुख जानकारी
| विवरण | मैदानी क्षेत्र | पहाड़ी/कठिन क्षेत्र |
|---|---|---|
| सहायता राशि | ₹1,20,000 | ₹1,30,000 |
| किस्तें | 3 किस्तें | 3 किस्तें |
| लक्ष्य (वर्तमान चरण) | 2 करोड़ अतिरिक्त घर | 2 करोड़ अतिरिक्त घर |
| आधिकारिक पोर्टल | pmayg.dord.gov.in | pmayg.dord.gov.in |
| प्राथमिकता वाले समूह | SC/ST, विधवा, दिव्यांग | SC/ST, विधवा, दिव्यांग |
नाम लिस्ट में न हो तो क्या करें?
अगर आपका नाम नहीं दिख रहा है तो घबराएं नहीं।
- ग्राम पंचायत सचिव या ब्लॉक कार्यालय से संपर्क करें।
- Awaas+ सर्वे के लिए आवेदन करें (कई राज्यों में मोबाइल ऐप से भी संभव है)।
- ग्राम सभा में अपनी पात्रता बताएं।
- अगर पात्र हैं तो स्थायी प्रतीक्षा सूची (Permanent Waiting List) में नाम जुड़ सकता है।
ध्यान रखें: फर्जी दस्तावेज या दलाल के जरिए काम करवाने से बचें। सारी प्रक्रिया मुफ्त है।
योजना के मुख्य फायदे
- सीधी बैंक ट्रांसफर से पैसे का दुरुपयोग कम होता है।
- जियो-टैगिंग से घर की सही लोकेशन और प्रगति ट्रैक होती है।
- महिलाओं को प्राथमिकता मिलती है। कई मामलों में घर महिला के नाम या संयुक्त नाम पर बनता है।
- मनरेगा और स्वच्छ भारत मिशन से अतिरिक्त मदद जुड़ सकती है (श्रम और शौचालय के लिए)।
- पारदर्शिता बढ़ी है क्योंकि कोई भी ऑनलाइन लिस्ट देख सकता है।
राज्य के अनुसार लिस्ट कैसे देखें?
सभी राज्यों के लिए एक ही राष्ट्रीय पोर्टल काम करता है। बस राज्य चुनते समय अपना राज्य सेलेक्ट करें। कुछ राज्य अपने अतिरिक्त पोर्टल भी चलाते हैं, लेकिन मुख्य जानकारी राष्ट्रीय पोर्टल पर ही उपलब्ध होती है।
उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र जैसे बड़े राज्यों में नियमित रूप से नई लिस्ट अपडेट होती रहती है।
निष्कर्ष
PM Awas Yojana Gramin List 2026 गांव के गरीब परिवारों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। नई लिस्ट में नाम चेक करना अब बहुत आसान हो गया है। घर बैठे मोबाइल से ही आप अपना स्टेटस देख सकते हैं।
अगर आप पात्र हैं तो जल्द से जल्द ग्राम पंचायत या आधिकारिक पोर्टल के जरिए प्रक्रिया पूरी करें। पक्का घर सिर्फ चार दीवारें नहीं, परिवार की सुरक्षा और सम्मान का प्रतीक है। सही जानकारी लेकर सही कदम उठाएं।
आधिकारिक वेबसाइट pmayg.dord.gov.in पर ही जाएं। किसी अनजान लिंक या दलाल पर भरोसा न करें। अधिक जानकारी के लिए टोल-फ्री हेल्पलाइन या नजदीकी ब्लॉक कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।
अपना नाम लिस्ट में देखकर खुशी महसूस करें और घर बनाने की प्रक्रिया शुरू करें। सरकार की इस योजना से लाखों परिवारों का जीवन बदल रहा है। आप भी इस बदलाव का हिस्सा बन सकते हैं।
FAQs
प्रश्न 1: PM Awas Yojana Gramin List 2026 कहां देखें?
उत्तर: आधिकारिक पोर्टल pmayg.dord.gov.in या report.pmayg.dord.gov.in पर जाकर राज्य, जिला, ब्लॉक और ग्राम पंचायत चुनकर देख सकते हैं।
प्रश्न 2: रजिस्ट्रेशन नंबर नहीं है तो नाम कैसे चेक करें?
उत्तर: गांव की पूरी लिस्ट खोलकर नाम ढूंढ सकते हैं। वहां रजिस्ट्रेशन नंबर भी मिल जाएगा।
प्रश्न 3: सहायता राशि कितनी मिलती है?
उत्तर: मैदानी इलाकों में ₹1.20 लाख और पहाड़ी क्षेत्रों में ₹1.30 लाख।
प्रश्न 4: नाम लिस्ट में नहीं है तो क्या करें?
उत्तर: ग्राम पंचायत में संपर्क करें और Awaas+ सर्वे के लिए आवेदन करें।
प्रश्न 5: किस्त कब मिलती है?
उत्तर: घर बनाने के चरण पूरे होने पर किस्त जारी होती है। जियो-टैगिंग जरूरी होती है।
प्रश्न 6: UMANG ऐप से स्टेटस चेक हो सकता है?
उत्तर: हां, UMANG ऐप में PMAY-G सर्च करके आधार या रजिस्ट्रेशन नंबर से चेक कर सकते हैं।
प्रश्न 7: क्या शहर वाले भी इस योजना का लाभ ले सकते हैं?
उत्तर: नहीं, यह केवल ग्रामीण क्षेत्रों के लिए है। शहरी क्षेत्रों के लिए अलग योजना (PMAY-Urban) है।





