प्रयागराज जिले में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत 89 हजार से ज्यादा आवेदन पांच महीनों में निरस्त कर दिए गए हैं। वित्तीय वर्ष 2026-27 में 31 जुलाई तक कुल 2,08,046 आवेदन आए थे, जिनमें से 89,345 आवेदन खारिज हो गए।
मुख्य कारण दस्तावेजों में कमी, नाम में अंतर और बार-बार आवेदन करना रहे। कई किसानों ने खतौनी या आधार कार्ड नहीं लगाया। कुछ मामलों में खतौनी में नाम सिर्फ “दशरथ” था, जबकि आधार में “दशरथ लाल” लिखा था। एक किसान ने करीब 20 बार फॉर्म भरा।
तहसील स्तर पर 76,850 और जनपद स्तर पर 12,495 आवेदन निरस्त हुए। सत्यापन के दौरान अधिकारियों ने ये गड़बड़ियां पकड़ीं।
किसान भाई ध्यान दें कि आवेदन करते समय सभी दस्तावेज पूरे और नाम एक जैसा रखें। गलत या अधूरा आवेदन भरने से लाभ नहीं मिलता। सही जानकारी के साथ दोबारा आवेदन करें ताकि सम्मान निधि का पैसा समय पर खाते में आ सके।
प्रयागराज में क्या हुआ? आंकड़ों की बात
- कुल आवेदन (31 जुलाई 2026 तक): 2,08,046
- निरस्त आवेदन: 89,345
- तहसील स्तर पर निरस्त: 76,850
- जनपद स्तर पर निरस्त: 12,495
- मौजूदा लाभार्थी: लगभग 5.82 लाख
सत्यापन पहले तहसील स्तर पर होता है, फिर जनपद स्तर पर। सब कुछ सही मिलने पर ही किसान का नाम पात्र सूची में जुड़ता है।
आवेदन निरस्त होने के मुख्य कारण
अधिकारियों के अनुसार 90 प्रतिशत आवेदनों में दस्तावेजों की कमी मुख्य वजह रही।
1. दस्तावेज पूरे नहीं लगाना
कई किसानों ने खतौनी (जमीन के कागजात) या आधार कार्ड नहीं लगाया। बिना पूरे दस्तावेज के आवेदन स्वीकार नहीं होता।
2. नाम में अंतर
खतौनी में नाम “दशरथ” लिखा है, लेकिन आधार में “दशरथ लाल”। ऐसे छोटे-छोटे अंतर की वजह से आवेदन रद्द हो जाता है। नाम तीनों जगह (आधार, बैंक, जमीन) एक जैसा होना जरूरी है।
3. बार-बार आवेदन करना
जल्दी लाभ पाने की चाहत में कई किसानों ने 10 से 20 बार ऑनलाइन फॉर्म भर दिया। एक ही किसान के कई आवेदन मिलने पर सभी निरस्त कर दिए गए। करछना इलाके में एक किसान का 20 बार आवेदन मिला था।
4. वरासत वाले मामलों में मृत्यु प्रमाण पत्र न लगाना
जिन किसानों को विरासत में जमीन मिली है, उन्हें मृत्यु प्रमाण पत्र लगाना अनिवार्य है। ज्यादातर ने यह दस्तावेज नहीं लगाया, इसलिए आवेदन खारिज हो गए।
5. अन्य आम गलतियां
- गलत या पुरानी खतौनी लगाना
- आधार से मोबाइल नंबर लिंक न होना
- ई-केवाईसी अधूरा छोड़ना
सही तरीके से आवेदन कैसे करें?
- आधिकारिक वेबसाइट pmkisan.gov.in पर जाएं या नजदीकी सीएससी/कृषि कार्यालय जाएं।
- New Farmer Registration चुनें।
- आधार नंबर, मोबाइल नंबर और जमीन के विवरण सही-सही भरें।
- सभी जरूरी दस्तावेज अपलोड करें।
- नाम की स्पेलिंग आधार, खतौनी और बैंक में एक जैसी रखें।
- एक बार ही सही आवेदन करें। बार-बार फॉर्म न भरें।
- सबमिट करने के बाद रजिस्ट्रेशन नंबर नोट कर लें।
जरूरी दस्तावेजों की सूची
| दस्तावेज | क्यों जरूरी | सावधानी |
|---|---|---|
| आधार कार्ड | पहचान के लिए | नाम सही हो |
| खतौनी / भूलेख | जमीन का सबूत | नई नकल लगाएं |
| बैंक पासबुक | पैसा आने के लिए | आधार से लिंक हो |
| मृत्यु प्रमाण पत्र | वरासत वाले मामलों में | अनिवार्य |
| पासपोर्ट साइज फोटो | आवेदन के साथ | साफ हो |
| मोबाइल नंबर | ओटीपी के लिए | आधार से जुड़ा हो |
किसान भाई इन गलतियों से जरूर बचें
- नाम की स्पेलिंग तीनों जगह मैच कराएं।
- एक से ज्यादा बार फॉर्म न भरें।
- दस्तावेज स्कैन करके साफ-साफ अपलोड करें।
- वरासत के मामले में मृत्यु प्रमाण पत्र जरूर लगाएं।
- आवेदन के बाद स्टेटस नियमित चेक करते रहें।
उप निदेशक कृषि पवन कुमार विश्वकर्मा ने किसानों से अपील की है कि आवेदन करते समय सभी दस्तावेज जरूर लगाएं। कोई दिक्कत हो तो ब्लॉक के बीज भंडार या कृषि विभाग कार्यालय में संपर्क करें।
निरस्त आवेदन वालों को क्या करना चाहिए?
अगर आपका आवेदन निरस्त हो गया है तो निराश न हों।
- कारण जानने के लिए तहसील या कृषि कार्यालय जाएं।
- कमी वाले दस्तावेज पूरे करें।
- नाम सुधार के लिए आधार या खतौनी अपडेट करवाएं।
- फिर से सही तरीके से नया आवेदन करें।
- ई-केवाईसी और आधार-बैंक लिंकिंग जरूर पूरा रखें।
पीएम किसान योजना की सामान्य जानकारी
इस योजना में पात्र किसानों को साल में 6000 रुपये तीन किस्तों में मिलते हैं। हर किस्त 2000 रुपये की होती है। पैसा सीधे बैंक खाते में आता है।
पात्रता के लिए खेती योग्य जमीन होनी चाहिए और परिवार के किसी सदस्य के नाम पर देश में कहीं भी पक्का मकान न हो (कुछ अपवादों को छोड़कर)।
प्रयागराज में आवेदन निरस्तीकरण का सार
| विवरण | आंकड़ा |
|---|---|
| कुल आवेदन (31 जुलाई तक) | 2,08,046 |
| निरस्त आवेदन | 89,345 |
| तहसील स्तर पर निरस्त | 76,850 |
| जनपद स्तर पर निरस्त | 12,495 |
| मौजूदा लाभार्थी | 5.82 लाख |
| मुख्य वजह | दस्तावेज कमी (90%) |
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न 1: प्रयागराज में कितने आवेदन निरस्त हुए?
उत्तर: पांच महीनों में करीब 89,345 आवेदन निरस्त हुए।
प्रश्न 2: सबसे बड़ा कारण क्या है?
उत्तर: दस्तावेजों की कमी और नाम में अंतर।
प्रश्न 3: नाम अलग होने पर क्या करें?
उत्तर: आधार या खतौनी में नाम एक जैसा करवाएं।
प्रश्न 4: बार-बार आवेदन करने से क्या होता है?
उत्तर: सभी आवेदन निरस्त हो सकते हैं। एक बार सही आवेदन करें।
प्रश्न 5: वरासत वाले किसानों को क्या लगाना जरूरी है?
उत्तर: मृत्यु प्रमाण पत्र अनिवार्य है।
प्रश्न 6: आवेदन कहां करें?
उत्तर: pmkisan.gov.in पर या नजदीकी सीएससी/कृषि कार्यालय में।
प्रश्न 7: निरस्त आवेदन दोबारा हो सकता है?
उत्तर: हां, कमी पूरी करके नया आवेदन कर सकते हैं।
प्रश्न 8: स्टेटस कैसे चेक करें?
उत्तर: pmkisan.gov.in पर Know Your Status से।
प्रश्न 9: मदद कहां से लें?
उत्तर: ब्लॉक बीज भंडार या कृषि विभाग कार्यालय से।
प्रश्न 10: ई-केवाईसी जरूरी है क्या?
उत्तर: हां, लाभ जारी रखने के लिए ई-केवाईसी अनिवार्य है।
निष्कर्ष
प्रयागराज में पीएम किसान सम्मान निधि के 89 हजार आवेदन निरस्त होना किसानों के लिए चेतावनी है। ज्यादातर मामले दस्तावेजों की लापरवाही और नाम में अंतर की वजह से हुए।
सबसे जरूरी बातें याद रखें:
- सभी दस्तावेज पूरे लगाएं
- नाम की स्पेलिंग एक जैसी रखें
- एक बार ही सही आवेदन करें
- वरासत वाले मामलों में मृत्यु प्रमाण पत्र जरूर लगाएं
सही तरीके से आवेदन करने पर लाभ आसानी से मिल जाता है। आज ही अपने दस्तावेज जांच लें और अगर कोई कमी है तो सुधार कर लें। आधिकारिक वेबसाइट और कृषि विभाग की मदद लें। सही जानकारी से ही योजना का पूरा फायदा उठाया जा सकता है।




